बने दिन उतारू आजी मोर डायेरी लेखुछें , आर सेटा बी फेर कोशली भाषा रे। संध्या रे साकेत सांगे कथा हौउथिलि , बने बेल तक कथा हेलूं, आमर भाषा आमर गाँ आमर इलाका र कथा। साकेत मते ऐथर आमर संबलपुरी/ कोशली भाषा रे लेखबार के कहेले। सत् कथा, आमे निजर भाषा रे ही लेखा लेखी करबार कथा।
आएज ठानु चेष्टा करमी आमर कोशली भाषा रे हिं लेखबार लागी। धएनबाद साकेत।
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