Monday, May 11, 2009

कोशली

बने दिन उतारू आजी मोर डायेरी लेखुछें , आर सेटा बी फेर कोशली भाषा रे। संध्या रे साकेत सांगे कथा हौउथिलि , बने बेल तक कथा हेलूं, आमर भाषा आमर गाँ आमर इलाका र कथा। साकेत मते ऐथर आमर संबलपुरी/ कोशली भाषा रे लेखबार के कहेले। सत् कथा, आमे निजर भाषा रे ही लेखा लेखी करबार कथा।

आएज ठानु चेष्टा करमी आमर कोशली भाषा रे हिं लेखबार लागी। धएनबाद साकेत।

No comments: